Claim Rejection: क्यों बार-बार रिजेक्ट हो जाते हैं हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम? जानें

Claim Rejection: अगर आपने Health insurence ले रखा है तो यह जानना बेहद जरूरी है कि आपका claim कभी भी खारिज किया जा सकता है अगर आप कुछ जरूरी बातों को नजरअंदाज करें। हाल ही में एक report में खुलासा हुआ कि अप्रैल से सितंबर 2023 के बीच करीब 2 लाख Health insurence दावों में से 30,000 claim को कंपनियों ने अस्वीकार कर दिया। लेकिन क्यों? Claim Rejection

इस report के मुताबिक, सबसे बड़ा कारण था – bima लेते समय अपनी bimaरी का छिपाया जाना, जिसे bima जगत की भाषा में नॉन-डिस्क्लोजर कहा जाता है। यानी policy खरीदते समय अगर आपने अपनी मौजूदा bimaरी, जैसे डायबिटीज या high blood प्रेशर के बारे में नहीं बताया, तो bima company को पूरा अधिकार होता है कि वह आपका दावा खारिज कर दे।

क्या है नॉन-डिस्क्लोजर और क्यों होता है नुकसान?

जब कोई व्यक्ति Health insurence लेता है तो उससे उसकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति (Pre-existing Disease) के बारे में पूछा जाता है। कई लोग सोचते हैं कि अगर वे अपनी bimaरी बता देंगे तो उन्हें policy महंगी मिलेगी या मिल ही नहीं पाएगी। इसी डर से वे जानकारी छिपा लेते हैं। Claim Rejection

लेकिन जब claim का वक्त आता है, तब bima company मेडिकल report और hospital के डॉक्टरी विवरण (Admission Notes) के आधार पर जांच करती है और अगर उसे लगता है कि bimaरियों की जानकारी छिपाई गई है, तो वह claim reject कर देती है। Claim Rejection

आंकड़े क्या कहते हैं?

bima company Policybazaar के डेटा विश्लेषण के अनुसार:

  • 25% दावे इसलिए reject हुए क्योंकि bima खरीदते वक्त डायबिटीज, high blood प्रेशर जैसी bimaरियों की जानकारी नहीं दी गई।
  • 25% दावे इसलिए खारिज हुए क्योंकि ग्राहक को टर्म्स और coditions की पूरी जानकारी नहीं थी। उन्होंने ओपीडी, चश्मे, या ऐसे इलाज का claim कर दिया जो कवर में नहीं था।
  • 16% claims इसलिए reject किए गए क्योंकि claim फॉर्म में सवालों के सही उत्तर नहीं दिए गए।

bima के बाहर के इलाज का claim

bima लेने वाले कई लोग जानकारी के अभाव में ऐसी चीजों का claim कर बैठते हैं जो उनकी policy में कवर ही नहीं होती। उदाहरण के लिए, OPD खर्च, स्पेक्टेकल्स (चश्मा), या कॉस्मेटिक सर्जरी जैसे उपचार। policyबाजार के Health insurence चीफ बिजनेस ऑफिसर अमित छाबड़ा का कहना है कि इलाज अगर policy के दायरे में नहीं आता तो company claim को खारिज कर देती है। इसीलिए जानकारी का होना बेहद जरूरी है। Claim Rejection

सबसे बड़ी गलती – पूरी जानकारी न होना

policy के नियम और शर्तें आमतौर पर लंबी और जटिल होती हैं, जिसे बहुत से ग्राहक ध्यान से पढ़ते ही नहीं। यही सबसे बड़ी चूक होती है। छाबड़ा के अनुसार, “नॉन-डिस्क्लोजर सिर्फ उन bimaरियों को ही प्रभावित नहीं करता जो पहले से हैं, बल्कि कई बार इलाज के दौरान सामने आई नई जानकारी से भी claim खारिज हो सकता है।” Claim Rejection

डॉक्टर जब hospital में भर्ती करने के वक्त शुरुआती report तैयार करता है, तब उसमें मौजूदा bimaरियों का उल्लेख होता है। अगर bima धारक ने पहले ये bimaरियां नहीं बताईं तो claim को अस्वीकार कर दिया जाता है। Claim Rejection

डिस्क्लोजर का कोई option नहीं

छाबड़ा ने साफ शब्दों में कहा – “bima कंपनियों के पास यह जांचने का कोई तरीका नहीं है कि आपने bimaरी छिपाई है या नहीं, जब तक आप स्वयं नहीं बताते। कुछ पॉलिसियों में प्री-मेडिकल टेस्ट होते हैं, लेकिन ये सिर्फ कुछ गंभीर bimaरियों तक सीमित होते हैं जैसे डायबिटीज, high बीपी या हृदय रोग।” Claim Rejection

अगर आपने मौजूदा bima में खुलासा नहीं किया है तो बेहतर यही है कि अब अपडेट कर लें, ताकि भविष्य में claim reject न हो।

8 साल बाद मिलती है राहत

जनरल insurence काउंसिल के Health डायरेक्टर सेगर संपत कुमार ने बताया कि IRDAI (bima नियामक संस्था) ने एक नियम लागू किया है जिसके तहत अगर कोई ग्राहक लगातार 8 साल तक policy रिन्यू करता है, तो 9वें साल से bima company नॉन-डिस्क्लोजर के आधार पर claim reject नहीं कर सकती। यानी उस वक्त तक अगर आपने कोई bimaरी नहीं बताई थी, तब भी claim मिलेगा – बशर्ते कि आपने लगातार policy चालू रखी हो। Claim Rejection

Insurance : बीमा क्या होता है? जानें कितने प्रकार के होते हैं Insurance

ग्राहक के अधिकार क्या हैं?

अगर bima company ने आपका claim reject किया है और आपको लगता है कि आपके साथ अन्याय हुआ है, तो आप IRDAI में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा bima ओम्बड्समैन और कंज्यूमर फोरम का दरवाजा भी खटखटाया जा सकता है।

सेगर संपत कुमार के अनुसार, “कई बार लोगों को लगता है कि bima company पैसे बचाने के लिए claim reject करती है, लेकिन ऐसा नहीं है। शिकायतों के समाधान के लिए पूरी व्यवस्था है।” Claim Rejection

Health insurence लेते वक्त ध्यान देने वाली बातें

  • सच-सच जानकारी दें: कोई भी bimaरी, चाहे वह बड़ी हो या छोटी, उसे policy खरीदते वक्त जरूर बताएं।
  • टर्म्स और coditions पढ़ें: policy डॉक्युमेंट को ध्यान से पढ़ें और समझें कि कौन-कौन सी चीजें कवर हैं और कौन नहीं।
  • प्रीमियम में अंतर से न डरें: अगर bimaरी बताने से प्रीमियम बढ़ता है तो वह आपकी सुरक्षा की कीमत है।
  • प्री-मेडिकल टेस्ट करवाएं: कुछ policy में यह अनिवार्य होता है और इससे भविष्य में दावे को मजबूती मिलती है।
  • समय पर रिन्यूअल: 8 साल तक policy को लगातार चालू रखें ताकि ‘नॉन-डिस्क्लोजर’ का खतरा खत्म हो सके।

Health insurence एक सुरक्षा कवच है, लेकिन तभी जब आप उसका सही इस्तेमाल करें। bimaरी छिपाना या जानकारी न रखना, ये दोनों ही कारण आपके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। policy खरीदते समय थोड़ी जागरूकता और ईमानदारी आपके भविष्य को सुरक्षित बना सकती है।

bima सिर्फ एक कागज़ी दस्तावेज नहीं, बल्कि संकट के समय आपकी सबसे बड़ी मदद हो सकता है — बशर्ते आप उसे सही तरीके से लें और उसका सदुपयोग करें।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top