High AdSense CTR: अगर आप एक ब्लॉगर है या website चलते हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत ही काम की होने वाली है चलिए तो जानते हैं आपने कभी ना कभी AdSense का नाम जरुर सुना होगा गूगल AdSense दुनिया का सबसे बड़ा और भरोसेमंद विज्ञापन प्लेटफार्म है जहां से लाखों लोग हर महीने अच्छी कमाई कर लेते हैं लेकिन कई बार ऐसा होता है की
website पर AdSense अप्रूव हो जाने के बावजूद भी कमाई उतनी नहीं होती जितनी होनी चाहिए इसका सबसे बड़ा कारण होता है काम CTR
CTR का मतलब है कितने लोगों ने आपका विज्ञापन पर click किया जितना ज्यादा CTR होगा उतनी ज्यादा AdSense से कमाई होगी अब सवाल आता है कि आखिर इस CTR को कैसे बढ़ाया जाए लिए इसे आसान भाषा में समझते हैं
CTR आखिर है क्या?
मान लीजिए आपकी website पर हजार लोग आ रहे हैं और अपने AdSense का विज्ञापन लगाया है अगर उन हजार में से सिर्फ 10 लोगों ने विज्ञापन पर click किया है तो आपका AdSense CTR 1% हुआ CTR निकालने का आसान फार्मूला है
CTR = ad clicks ÷ ad impressions * 100
गूगल पर हर website के लिए CTR अलग-अलग होता है आमतौर पर एक परसेंट से 5% Click Through Rate को अच्छा माना जा सकता है अगर आपका Click Through Rate 1% से भी काम है तो इसका मतलब है कि लोग आपके ऐड देखा तो रहे हैं लेकिन उन पर click नहीं कर रहे यही चीज आपकी कमाई को रोक देती है

AdSense में CTR क्यों जरूरी है
AdSense कमाई का सीधा रिश्ता CTR से है अगर आपके विज्ञापन पर कोई click नहीं करेगा तो आपको केवल इंप्रेशंस से बहुत कम कमाई होगी लेकिन जैसे ही लोग ऐड पर click करना शुरू करेंगे आपके अर्निंग कई गुना बढ़ सकती है उदाहरण के तौर पर अगर आपके ब्लॉग पर हर महीने 50000 विजिटर आते हैं तो CTR केवल 0.5% है तो हो सकता है कि आपको सिर्फ 2000 या 3000 की कमाई हो लेकिन यही अगर CTR 2% हो जाए तो आपके अर्निंग 8000 से 10000 तक पहुंच सकती है यानी फर्क सिर्फ click का है
CTR बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए
CTR बढ़ाने का कोई जादू नहीं बल्कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी website पर ऐड कहां लगे हैं किस तरह के ऐड दिखाए जा रहे हैं और यूजर का एक्सपीरियंस कैसा है गूगल हमेशा से ऐड दिखता है जो आपके कंटेंट से संबंधित हो अगर आपके विजिटर को वही ऐड मिलते हैं जो वह देखना चाहते हैं तो Click Through Rate अपने आप बढ़ जाएगा लेकिन इसके अलावा कुछ ऐसे फैक्टर भी हैं जो CTR को डायरेक्ट प्रभावित करते हैं जैसे
- आपकी website का डिजाइन
- एड प्लेसमेंट
- ऑडियंस बिहेवियर
- कंटेंट का टाइप
- डिवाइस mobile या डेस्कटॉप
इन चीजों पर काम करके आप अपने CTR को काफी हद तक बढ़ा सकते हैं
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website का डिजाइन और CTR का रिश्ता
एक साफ सुथरा और यूजर फ्रेंडली डिजाइन हमेशा ज्यादा click दिलाता है अगर आपकी website बहुत भारी है ऐड गलत जगह पर लगे हैं और यूजर को कंटेंट पढ़ने में दिक्कत आ रही है तो लोग ऐड को नजर अंदाज कर देंगेरेस्पॉन्सिव डिजाइन mobile फ्रेंडली website पर ऐड का Click Through Rate डेस्कटॉप की तुलना में ज्यादा होता है लेकिन आज के समय में ज्यादा ट्रैफिक mobile से आता है इसलिए आपको हमेशा ऐसा थीम या टेंप्लेट चुनना चाहिए जिसमें ऐड नेचुरल तरीके से ब्लेड हो जाए और रीडर को डिस्टर्बिग ना लगे
एड प्लेसमेंट का महत्व
एड प्लेसमेंट यानी ऐड को कहां लगाया जाना चाहिए सबसे बड़ा फैक्टर है CTR को बढ़ाने का अगर ऐड ही ऐसी जगह लगे हैं जहां पर यूजर के नजर जाते ही नहीं है तो click कहां से आएंगे
- सबसे इफेक्टिव जगह होती हैं
- कंटेंट के अंदर पैराग्राफ के बीच में
- आर्टिकल की शुरुआत में या अंत में
- साइडबार में लेकिन mobile पर काम काम करता है
- स्टिकी ऐड जो स्क्रोल करते समय साथ-साथ चलने वाले ऐड होते हैं
लेकिन ध्यान रहे की ऐड को इतना भी ज्यादा जगह-जगह ना भारती की कंटेंट पढ़ना ही मुश्किल हो जाए और यह तो गूगल खुद भी कहता है कि यूजर एक्सपीरियंस खराब नहीं होना चाहिए
सही कंटेंट से बढ़ेगा CTR
CTR अपने कंटेंट के टाइप पर निर्भर करता है इनफॉर्मेटिव ब्लॉक्स जैसे एजुकेशन पर हेल्थ फाइनेंस में ऐड पर ज्यादा click करते हैं क्योंकि लोग सॉल्यूशन खोजते हैं और रिलेटेड जगह से रिलेटेड ऐड उन्हें आकर्षित करते हैं अगर आपका ब्लॉक सिर्फ इंटरटेनमेंट यह सामान्य जानकारी पर है तो वहां CTR थोड़ा काम हो सकता है इसलिए बेहतर CTR के लिए हमेशा ही ऐसा कंटेंट बनाओ जो यूजर की जरूरत से जुदा हो और उसमें हाई सीपीसी मतलब कॉस्ट पर click वाले कीवर्ड का इस्तेमाल किया गया हो
ऑडियंस बिहेवियर को समझे
हर ऑडियंस अलग होती है मान लीजिए आपकी website इंडियन और ऑडियंस को टारगेट करती है तो ऐड भी उसी हिसाब से देखेंगे लेकिन अगर आपकी website यूके उस ट्रॉफिक पाती है तो सीपीसी और Click Through Rate दोनों ही ज्यादा मिलेंगे इसलिए आपको अपने ऑडियंस बिहेवियर को समझना होगा गूगल एनालिटिक से देखें कि आपका विजिटर कहां से आ रहे हैं कौन सा कंटेंट ज्यादा पड़ रहे हैं और किस डिवाइस का ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है इसके हिसाब से एड्स के स्ट्रेटजी बनाएं
mobile यूजर के लिए ऑप्टिमाइजेशन
आज के समय में 70% से ज्यादा ट्रैफिक mobile से आता है अगर आपकी website mobile फ्रेंडली नहीं है तो AdSense CTR कभी भी अच्छा नहीं हो पाएगा mobile पर ऐड फ्रेंड वर्टिकली दिखते हैं इसलिए आपको mobile स्पेसिफिक प्लेसमेंट का ध्यान रखना होगा जैसे आर्टिकल की शुरुआत में एक ऐड बीच में एक ऐड और और में एक ऐड लगने से Click Through Rate काफी इंप्रूव हो सकता है
एक्सपीरियंस करना जरूरी है
AdSense में Click Through Rate बढ़ाने के लिए कोई फाइनल फार्मूला नहीं है आपको अपनी website पर एक्सपीरियंस एक्सपेरिमेंट करना पड़ेगा टेस्ट करके देखिए कि कौन सा ऐड प्लेसमेंट सबसे अच्छा काम कर रहा है कभी-कभी एड का रंग बदलने से भी CTR पर फर्क पड़ता है
अगर आपकी website ब्लैक या वाइट बैकग्राउंड पर है और ऐड भी वाइट में ब्लेँड हो रहे हैं या ब्लैक में ब्लेंड हो रहे हैं तो यूजर्स उन्हें नजर अंदाज कर देते हैं लेकिन अगर ऐड थोड़ा अलग नजर आए तो click की संभावना बढ़ जाती है
एड ब्लॉकिंग और CTR
कोई यूजर अड ब्लॉकर का इस्तेमाल करते हैं जिससे आपका ऐड दिखाई ही नहीं देते इसका डायरेक्ट असर आपकी Click Through Rate पर पड़ता है इसके लिए आप अपने यूजर को पॉलीटली रिक्वेस्ट कर सकते हैं कि वह आपकी साइट को वाइट लिस्ट करें क्योंकि ऐड से ही आपकी मेहनत का सहारा है
क्या ज्यादा CTR खतरनाक है
यहां ध्यान रखने वाली बात यह है कि बहुत ज्यादा CTR भी खतरनाक हो सकता है अगर आपकी CTR 10% है या उससे भी ज्यादा है तो गूगल इस इनवेलिड एक्टिविटी मान सकता है और आपका अकाउंट सस्पेंड हो सकता है इसलिए कभी भी खुद ऐड पर click न करें और ना ही किसी से करवाई सिटी और नेचुरल तरीके से बनना चाहिए गूगल बहुत स्मार्ट है और इनवेलिड click तुरंत पकड़ लेता है
एडसें से ज्यादा कमाई करना हर ब्लॉगर का सपना होता है और इस सपने को पूरा करने के लिए सबसे बड़ी चाबी है CTR (Click Through Rate) अगर आप स्मार्ट तरीके से अपनी website को डिजाइन करते हैं और सही ऐड प्लेसमेंट करते हैं कंटेंट को ऑप्टिमाइज करते हैं और यूजर का बिहेवियर समझते हैं तो आपका CTR अपने आप बढ़ेगा याद रखें कि
AdSense सिर्फ ऐड दिखाने का प्लेटफार्म नहीं है बल्कि यह आपके और आपके रीडर के बीच में एक बैलेंस बनाने का तरीका है इसलिए ऐड को कभी भी यूजर एक्सपीरियंस के ऊपर ना रखें जितना अच्छा अनुभव आप रीडर को देंगे उतना ही ज्यादा click और कमाई आपको मिलेगी Click Through Rate